सत्‍यमेव जयते ! ... (?)

अपने आसपास और देश-विदेश की वो सारी बातें जो मुझको, मुझसे जुडे लोगों को प्रभावित करती हैं, उनको शब्‍दों में ढालकर पेश करता हूं। लिखना मेरा शौक भी है और पेट भरने का जरिया भी.....

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07 दिसंबर 2011

एक और एक ग्‍यारह.......

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  एक पुरानी कहावत है एक और एक ग्‍यारह होते हैं। इसका आशय यह है कि जो काम एक व्‍यक्ति नहीं कर सकता उसे एक से ज्‍यादा लोग मिलकर कर सकते है...
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