01 अप्रैल 2011

भारत की जीत पर न्‍यूड होंगी यह मोहतरमा...

फाईल फोटो साभार samaylive.com

सबसे पहले मैं माफी चाहता हूं, इस तस्‍वीर को अपने  ब्‍लाग में लगाने के लिए, लेकिन क्‍या करूं लगाना पडा। फिल्‍मों में हिरोईन कम कपडों में दिखाई देती हैं और अंतरंग दृश्‍य देती हैं, बाद में यह कहकर अपना पल्‍ला झाड लेती हैं कि कहानी की यह मांग थी। मैं भी शायद इसी सोच के साथ इस तस्‍वीर का प्रयोग कर रहा हूं। अब वे हिरोईनें कितना सच बोल रही होती हैं, यह तो मैं नहीं जानता पर मैं यहां सोलह आने सच बोल रहा हूं यह मैं आपको यकीन दिलाता हूं। (इसीलिए मैंने इस तस्‍वीर को निंगेटिव शेड दे दिया है।)  
अब आता हूं मुददे  की बात पर। भारत विश्‍व कप के फायनल में पहुंच गया है। दो अप्रैल को उसका श्रीलंका से मुकाबला है। क्रिकेट पर सटटा लग रहा है, क्रिकेट को लेकर जुनून चरम पर है। कोई व्रत रख रहा है  तो कोई हवन कर रहा है, इस उम्‍मीद में कि भारत विश्‍वकप जीत जाए। 1983 का इतिहास दोहरा दिया जाए। कुल मिलाकर जुनून पूरे चरम पर है। विश्‍वकप में भारत जीते यह हर भारतीय की इच्‍छा है और हर भारतीय विश्‍व कप को इस बार अपने देश में ही रखने की तमन्‍ना रखता है लेकिन इसी बीच एक माडल ने जो बात कही है वह अपने आप में न सिर्फ आपत्तिजनक है बल्कि भारतीय परंपरा के बिल्‍कुल विपरीत भी है।
अब फिर से इस तस्‍वीर पर आता हूं। यह तस्‍वीर है, एक उभरती हुई माडल पूनम पांडे की। किंगफिशर जैसी कंपनियों के लिए विज्ञापन करने वाली पूनम का कहना है कि भारत के विश्‍वकप जीतने पर वह न्‍यूड  होकर अपनी खुशी का इजहार करेगी। वह कहती है कि वह ऐसा टीम इंडिया के हौसले को बढाने के लिए करना चाहती है। अब यह तो पूनम पांडे ही जाने कि यदि टीम विश्‍वकप जीत जाती है तो उसकी इस ‘हरकत’ से टीम का हौसला किस तरह बढ जाएगा। खैर अपनी धुन में मगन पूनम यह भी कहती है कि वह ड्रेसिंग रूप में खिलाडियों के सामने न्‍यूड होगी और यदि सरकार और बीसीसीआई उसे इजाजत दे तो वह स्‍टडियम में भी ऐसा कर सकती है।
विदेशों में इस तरह की घटनाएं आम हैं लेकिन भारत में इस तरह की घोषणा अपने आप में नई बात है और आश्‍चर्यजनक भी। पूनम की इस घोषणा ने यह तो दर्शाया  है कि भारत में क्रिकेट को लेकर दीवानगी किस हद तक है लेकिन क्‍या पूनम की इस तरह की घोषणा भारतीय संस्‍कृति के अनुकूल है। क्‍या किसी को अपनी दीवानगी दिखाने का यही एक तरीका सूझ सकता है।
इस खबर को जब मैंने पढा तो ऐसा लगा कि यह महज क्रिकेट के प्रति दीवानगी की बात  नहीं, कहीं न कहीं प्रचार पाने का तरीका है और मानसिक दीवालिएपन का भी परिचायक है। आप इस बारे में क्‍या सोचते हैं। हर भारतीय चाहता है कि भारत विश्‍वकप जीते लेकिन क्‍या एक भी भारतवासी ऐसा होगा जो यह सोचता होगा कि इसके बाद पूनम की इच्‍छा पूरी हो। ईश्‍वर से यही कामना कि भारत को विश्‍व विजेता बनाए और पूनम को सदबुध्दि दे।

26 टिप्‍पणियां:

  1. सही नब्ज़ पकड़ी- सस्ते प्रचार का तरीका है यह.

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  2. बेहद अफसोसजनक हैं ऐसे सस्ते प्रचार के लिए की जाने वाली हरकतें...... सामयिक पोस्ट....

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  3. मानसिक दीवालिएपन का भी परिचायक है।

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  4. धन्य हैं वो मां-बाप जिन्होंने ऐसी पुत्री को जन्म दिया और आदम युग में वापस पहुंचने के संस्कार दिए....

    जय हिंद...

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  5. अरे फिर भारतीय नारी की शालीनता कहाँ है ....और पवित्रता कहाँ

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  6. बेहद अफसोसजनक हैं ऐसे सस्ते प्रचार के लिए की जाने वाली हरकतें...... सामयिक पोस्ट

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  7. पूनम पांडे को कुछ दिन के लिए नज़रबंद कर देना चाहिए.

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  8. Eeshwar ki 'RACHNA'

    NAARI !!!!!!!!!!!!????????????????????????????????????????

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  9. आप की यह पोस्ट उन मोहतरमा का प्रचार कर रही है वो भो मुफ्त में मेरे ख्याल से आप भी मोहतरमा के गुनाह में शामिल है और मौके को भुजाँ रहे है
    गन्दगी से दूर रहो

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  10. delete the photo because you are giving her platform
    we all need to ignore such people and not give them publicity because they carve for publicity

    lets keep hindi bloging clean of any such photos that promote nudity and porn

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  11. मेरा भी निवेदन यही है, की आप ये फोटो अपने ब्लॉग से हटा दें, सिर्फ नाम से भी काम चल सकता है, एक नारी यदि ऐसा कर रही है तो इसमें बाकि का क्या दोष.. हमारी परंपरा और संस्कृति इसकी इजाजत नहीं देती..और फिर नारी माँ, बहन, बेटी, पत्नी जैसे पवित्र रूप में ही अच्छी लगती है..

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  12. @पवन जी मेरी तो कोशिश इस ब्‍लाग के माध्‍यम से यह है कि यह मोहतरमा ऐसा गुनाह करे ही नहीं।

    @ रचना जी, संध्‍या जी मैं आपकी भावनाओं का सम्‍मान करता हूं। हिंदी ब्‍लागिंग को साफ सुथरा रखने का प्रयास मेरा भी है और मैं भी महिलाओं का सम्‍मान करता हूं। चूकि पोस्‍ट लिखी गई है एक युवती(?) की घोषणा को लेकर और उसकी तस्‍वीर को केन्‍द्र में रखकर ही इसलिए फोटो को हटाने के बजाय आपका सम्‍मान करते हुए तस्‍वीर को मैं छोटा कर दे रहा हूं। रचना जी, आप क्‍या सोच रही हैं यह मैं नहीं जानता पर मैं इमानदारी से कह सकता हूं क‍ि मैं नयूडिटी और पोर्न को कहीं से समर्थन नहीं दे रहा। संध्‍या जी, मैं भी आपकी इस बात से सहमत हूं कि नारी मां, बहन, बेटी और पत्‍नी के रूप में ही अच्‍छी और पवित्र रहती हैं।
    आपने इस ओर मेरा ध्‍यान आकर्षित किया। इसके लिए आपका धन्‍यवाद।

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  13. शॉर्टकट मार्केटिंग के अलावा और क्या कह सकतेहैं इसे अतुल जी.........वही है बस|

    pl visit on http://samasyapoorti.blogspot.com

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  14. आप मुझ से मेल पर भी बात कर चुके हैं और अब क्युकी आप कमेन्ट में मेरी सोच को रेखांकित कर रहे हैं मै मेल को यहाँ दुबारा पेस्ट कर रही हूँ
    चित्र हटाना ही चाहिये
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    रचना जी आपका धन्‍यवाद। आप मेरी पोस्‍ट पर आए। आपने इस पोस्‍ट अपनी टिप्‍पणी दी है। इसके लिए आभार। कोशिश रहेगी कि अच्‍छे पोस्‍टों के साथ हाजिर होऊं। यह सब आप सबके संबल से संभव हो सकेगा।
    आपकी बातें कुछ हद तक सही है। पर इसे न्‍यूडिटी और पोर्न को प्रमोट करने वाली बात कहना सही नहीं। और न ही उसे प्रचारित करने की कोशिश है। इस पोस्‍ट के माध्‍यम से इस महिला की सोच को गलत बताने और ऐसे कृत्‍यों का विरोध करने की बात ही की गई है।
    जहां तक उसे डिलिट करने की बात है, मैंने इस तस्‍वीर को निंगेटिव रूप में डाल कर अपनी ओर से कोशिश की है कि यह बताऊं कि यह कितना गलत है।

    धन्‍यवाद।


    अतुल श्रीवास्‍तव
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    मैने पोस्ट को गलत नहीं कहा हैं मैने कहा हैं कि हम इस प्रकार के चित्र हिंदी ब्लोग्स पर ना डाल कर हिंदी ब्लोगिंग को साफ़ रख सकते हैं

    rachna
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    जी आपकी भावनाओं का सम्‍मान करता हूं। भविष्‍य में ऐसा नहीं होगा, ऐसा विश्‍वास दिलाता हूं, पर चूंकि यह पोस्‍ट अब मेरे ब्‍लाग में ही नहीं, तमाम एग्रीगेटरो में लग गई है, ऐसे में मुझे ऐसा लगता है कि इसे हटाना भी ठीक नहीं होगा। वैसे भी यह तस्‍वीर मेरी अपनी इजाद की हुई नहीं है। एक प्रतिष्ठित साईट से ली गई है। मैंने तो फिर भी उसे निंगेटिव कर दिया है।
    एक बार फिर क्षमा और विश्‍वास दिलाता हूं कि भविष्‍य में ऐसा नहीं होगा।
    अतुल
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    पोस्ट कहीं भी हो वसे ही रहेगी
    चित्र हटा कर आप को कोई नुक्सान नहीं होगा
    चित्र हटाने से हिंदी ब्लोगिंग साफ़ अवश्य रहेगी
    मैने २००७ से हिंदी ब्लॉग जगत में ये मुहीम चला राखी हैं महिला के चित्र हटवाने कि ताकि हिंदी ब्लॉग को इन चित्रों से मुक्त रखा जा सके
    चित्र कहीं से भी लिया हैं पर क्या आप ने चित्र डालने से पहले उस मॉडल से पूछा हैं
    या उस साईट से आज्ञा ली हैं
    अतुल जी ये गलत हैं

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  15. @अतुल भाई निंदनीय कृत्य है ये मानसिक दिवालियेपन का परिचायक है इस मॉडल के..
    लेकिन इसके पीछे वो उपभोगतावाद है जिसे हम सभी बढ़ावा दे रहें है..
    @ रचना बहन : शायद बीच में नहीं बोलना चाहिए मगर एक तस्वीर मैंने भी ब्लॉग पर लगायी थी इस तरह की तो मुझे लगा की ये बात मुझपर भी लागु होती है..
    आप के शब्दों में.
    "चित्र कहीं से भी लिया हैं पर क्या आप ने चित्र डालने से पहले उस मॉडल से पूछा हैं
    या उस साईट से आज्ञा ली हैं,अतुल जी ये गलत हैं"

    देशद्रोहियों और समाजद्रोहियों का चेहरा बेनकाब करने के लिए किसी से अनुमति लेनी आवश्यक नहीं है..वो लड़की तो पतन के गर्त में जा ही चुकी है..अब अतुल जी ने उसके प्रसंशा में कसीदे तो पढ़े नहीं है की गलत हो..हाँ गलत वो चैनल है जो इस खबर को सकारत्मक तरीके से TRP बढ़ने के लिए दिखतें है या छापतें है...


    आखिर इसने हद तक नग्नता दिखाई है ये तो जानना ही पड़ेगा...
    कीचड़ साफ करने के लिए हाथ गंदे ही करने पडतें है..

    अतुल जी बधाइयाँ इन समाजद्रोहियों की सच्चाई उजागर करने के लिए..

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  16. इस पर कोई टिपण्णी नहीं क्योंकि इस लायक ही नहीं है

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  17. अभी तक तो मै इनका नाम भी नहीं जानती थी अब आप की पोस्ट से उनक नाम भी जान गई बस यही इनको चाहिए कि लोग इनको जाने पहले टीवी वालो ने सकारात्मक खबर दिखा कर और अब उनके विरोध में पोस्ट लगा कर इन लोगो को ही फायदा होगा | इन्हें तो प्रचार चाहिए चाहे वो सकरात्मक हो या नकरात्मक |

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  18. धन्य हो तुम तो भई महिला जी.

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  19. aree ye kya bhai sab photo ke piche hi padgye...galat to hai par mujhe lagta hai ye wo wali pic to nhi hai jo wo future main dene ko bol rhi hai ...ye sab to abhi shurwat hai ...thanx god abhi future wali nhi lagi
    umeed hai aisa hoga bhi nhi ,
    kabhi atul ji fir bole maine issko small karke laga deya...,

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  20. भाई साहब आपने पॉज़ीटिव समाचार को निगेटिव रूप में दिखाया है..तभी तो ये बवाल मचा हुआ है..

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  21. पूनम पाण्डेय की सोच हमारी संस्कृति से मेल नहीं खाती !ऐसे लोगों के लिए कम से कम भारत की धरती पर जगह नहीं होनी चाहिए !
    सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए एक औरत इतनी गिर सकती है ,सोच भी नहीं सकते!

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  22. नैतिकता /शालीनता और संस्कृति को लेकर एक सवाल ज़ेहन में उठ रहा है कि कितने लोग ऐसे होंगे जो बेलिबास औरतों को देखने के लिए पोर्न साईट्स पर नहीं जाते होंगे ?

    ( वैसे उन्हें जो भी करना होगा अब तक कर ही चुकी होंगी जोकि मुझे भी पब्लिसिटी स्टंट ही लगता है )

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  23. Photo pe vivaad karna mujhe sahi nahi lagta...times of India me toh aise pics roj hi chapte hai...ashleelta jaisi isme koi baat nahi, dekhne waale ka apna apna najaria hai...bahut acchi post hai..ye model iss tarah ki baate karke cheap publicity kar rahi hai...

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  24. पीपी ने बढ़ाया सबका बीपी
    झगड़े की बज उठी है सीटी

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