14 मार्च 2012

एक अनोखी चिडिया


''एक ऐसी चिडिया जो स्‍कूल जाती है। प्रार्थना में शामिल होती है। पढाई करती है। मध्‍यान्‍ह भोजन करती है। बच्‍चों के साथ खेलती है।'' इस चिडिया का नाम है रमली। याद आया......। जी हां, पिछले साल मार्च महीने में ही मैंने इस चिडिया पर एक पोस्‍ट डाली थी, इस चिडिया के करतबों को लेकर, एक चिडिया जो करती है पढाई 
उस समय कुछ ब्‍लागर मित्रों ने और कुछ अन्‍य  दोस्‍तों ने मुझसे कहा था कि यदि संभव हो तो इसका वीडियो भी यहां दूं। तब से कोशिश कर रहा था, अब लगभग एक साल बाद इसका वीडियो यहां अपलोड कर रहा हूं। आप वीडियो का मजा लें और ऊपर दिए लिंक में जाकर इस चिडिया की कहानी भी पढ सकते हैं....... 


40 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत बढ़िया बेहतरीन प्रस्तुति,बहुत खूब....अतुल जी,...

    RESENT POST...काव्यान्जलि ...: तब मधुशाला हम जाते है,...

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  2. पुरानी पोस्ट भी पढ़ी...और विडियो भी देखा...ये तो कमाल की खबर है.
    विश्वास करना मुश्किल हो रहा है...पर आँखों देखी को कैसे झुठलाया जाए

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  3. वाह ...बहुत खूब .. आपकी प्रस्‍तुति का आभार ।

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  4. 'एक करिश्मा और , कुदरत का'

    बहुत खूब, अतुल जी, .... रोमांचक.

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  5. बेहतरीन प्रस्तुति के लिए आभार...

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  6. आपकी सूक्ष्म दृष्टि काबिले-तारीफ़ है..

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  7. बहुत अच्छी प्रस्तुति!
    इस प्रविष्टी की चर्चा कल शनिवार के चर्चा मंच पर भी होगी!
    सूचनार्थ!

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  8. बहुत ही रोचक प्रस्तुति...
    सुन्दर:-)

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  9. तोता मैना की कहानी ,ये कहानी अब पुरानी पुरानी हो गई ...

    कितनी सुन्दर प्यारी 'रमली'
    हर चिड़िया से न्यारी रमली
    सबको सबक सिखाती है
    सबका मन बहलाती है.
    पढ़ने से ही ज्ञान मिलेगा,
    दुनिया को समझाती है.
    चीं-चीं कर के गीत सुनाती,
    सबकी बनी दुलारी रमली.
    रोज सुबह आ जाती है,
    कक्षा में छा जाती है.
    मिलजुल कर सब करो पढ़ाई,
    बात यही बतलाती है.
    रोज-रोज़ आती है पढ़ने,
    कभी न हिम्मत हारी रमली.

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  10. बेहतरीन प्रस्तुति के लिए आभार। मेरे पोस्ट पर आपका इंतजार रहेगा । धन्यवाद ।

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  11. ब्राह्मिनी मैना की कमाल की कहानी !

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    1. ये कामन मैना -देशी मैना है -अक्रिड़ोथेरस ट्रिसटिस
      देश में कहीं भी बहुलता से मिलती है -यह थोडा अलग स्वभाव की है
      आवाज की नक़ल भी कर सकती है!

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  12. पू्र्व जन्म के संयोग और संस्कार वश
    सम्भव होता होगा। पर प्रस्तुति अच्छी है।
    धन्यवाद।

    आनन्द विश्वास।

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  13. मजेदार रही यह चिड़िया !बधाई

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  14. स्‍कूल जाती चिड़िया, बढिया है।

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  15. आपको ये मैं बड़े हर्ष के साथ सूचित कर रही हूँ की आपकी पोस्ट आज की ब्लोगर्स मीट वीकली (३५) में शामिल की गई है आप आइये और अपने अनुपम विचारों से हमें अवगत करिए /आपका सहयोग हमेशा इस मंच को मिलता रहे यही कामना है /आभार /लिंक है
    http://hbfint.blogspot.in/2012/03/35-love-improves-immunity.html

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  16. बहुत रोचक और सार्थक जानकारी के लिए आभार ...!!
    इसके संरक्षण का प्रयत्न ज़रूर होना चाहिए ...!!

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  17. बहुत रोचक है चिड़िया भी और पोस्ट भी …
    अतुल जी !

    पुरानी पोस्ट पुनः ढ़ना संद आया


    आभार विडियो के लिए …

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  18. मस्त वीडियो..कमाल की पत्रकारिता। खबरें ऐसी भी होती हैं। वाह! आनंद आ गया।

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  19. आश्चर्यजनक!प्रस्तुतीकरण भी बढ़िया !

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  20. beautiful post based on humanity.
    thanks to school and teachers including
    students NOT YOU .
    JUST PRANAM SWIKAREN.

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  21. बहुत बढ़िया...
    मध्यप्रदेश में ये बहुतायत में पायी जाती हैं....
    बच्चों की धारणा होती है कि एक देखें तो दुःख...और दो देखें तो खुशी मिलेगी....क्यूंकि ज्यादातर ये जोड़ों में या झुण्ड में मिलती हैं..

    शुक्रिया.

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  22. पता नहीं सर मेरी टिप्पणियाँ कहाँ चली जाती हैं.....स्पाम से पीढित हूँ शायद...
    दुबारा टिप्पणी करते समय वो जोश नहीं आता...

    रोचक पोस्ट के लिए शुक्रिया.

    सादर
    अनु.

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  23. बहुत ही सुन्दर प्रस्तुती आप के ब्लॉग पे आने के बाद असा लग रहा है की मैं पहले क्यूँ नहीं आया पर अब मैं नियमित आता रहूँगा
    बहुत बहुत धन्यवाद् की आप मेरे ब्लॉग पे पधारे और अपने विचारो से अवगत करवाया बस इसी तरह आते रहिये इस से मुझे उर्जा मिलती रहती है और अपनी कुछ गलतियों का बी पता चलता रहता है
    दिनेश पारीक
    मेरी नई रचना

    कुछ अनकही बाते ? , व्यंग्य: माँ की वजह से ही है आपका वजूद:
    http://vangaydinesh.blogspot.com/2012/03/blog-post_15.html?spref=bl

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  24. चिड़िया का ये रूप और बच्चे की तोतली में उसके मनोभाव ..बहुत ही रोचक लगे...सादर धन्यवाद इस सुन्दर पोस्ट के लिए..

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  25. bahut sundar rochak prastuti..
    chidiya MAINA ki prajati ki maaloom hoti hai... maina bahut samjhdar hoti hai..

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