पढाई लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
पढाई लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

10 नवंबर 2011

इमरजेंसी लगी है घर में......!!!!


मेरे घर का माहौल कल से खराब है! मेरी पत्‍नी थोडी थोडी देर में चिल्‍ला रही है! जिस वक्‍त देश में इमरजेंसी लगी थी उस वक्‍त मैं महज चार साल का था और वो पैदा भी नहीं हुई थी पर घर के हालात इस वक्‍त ऐसे ही हो गए हैं! टेलीविजन ने चलना बंद कर दिया है..... मुझे भी साफ निर्देश है कि यदि आपको खबर भी देखनी हो तो अपने कम्‍प्‍यूटर में वेब पोर्टल पर देख लें.... मैच, फिल्‍म और अन्य कार्यक्रम तो दूर की बात। ये इमरजेंसी के हालात कल दोपहर दो बजे के आसपास से हैं। उस वक्‍त मेरी बिटिया स्‍कूल से लौटी और साथ में लाई अपना रिजल्‍ट। इस रिजल्‍ट को देखकर मेरी पत्‍नी का गुस्‍सा चरम पर पहुंच गया और फिर  हंसी खुशी का माहौल तनाव में बदल गया!
मेरी बेटी के सिर्फ 91 फीसदी मार्क्स आए हैं और वो अपनी कक्षा में सातवें रैंक पर आई है। यह उसका फर्स्‍ट टर्मिनल का रिजल्‍ट है। इससे पहले की कक्षाओं में उसका प्रदर्शन 99 फीसदी और सौ फीसदी के बीच ही रहा है.... लेकिन इस बार.....! ! ! ! बस फिर क्‍या.... तनाव होना लाजिमी था। उधर मेरी पत्‍नी चिल्‍ला रही है... ये क्‍या रिजल्‍ट है और इधर बेटी दबे स्‍वर में सफाई दे रही है... मैंने तो सब सही सही लिखा पर पता नहीं मैडम ने नम्‍बर क्‍यों कम दिए। अब मैं इन दोनों के बीच का माहौल शांत करने की कोशिश कर रहा हूं....... स्थिति विकट है।
पिछली कक्षा में अपनी क्‍लास और स्‍कूल में पहले रैंक में आने वाली मेरी बेटी का रिजल्‍ट इतना ‘डाऊन’ कैसे हो गया, श्रीमती इस चिंतन में घुलती जा रही है तो बेटी सहमी सी है और मैं.... मैं इन दोनों के बीच सुलह का माहौल बनाने की असफल कोशिश कर रहा हूं। बेटी के रिजल्‍ट शीट पर हर बार दस्‍तखत करने वाली पत्‍नी ने साफ कह दिया है कि वह इस पर दस्‍तखत नहीं करेगी..... आप करें..... वो अब तक रिजल्‍ट को देखने के बाद के सदमे से नहीं उबर पाई है।
इन सब बातों के बीच मैं यह बताना तो भूल ही गया कि मेरी बेटी किस कक्षा में पढती है...? वो अभी के जी 2 में है! इससे पहले उसने के जी1 और इससे भी पहले नर्सरी में अपनी कक्षा में फर्स्‍ट टर्मिनल से लेकर एनुवल इक्‍जाम में सबसे अव्‍वल रहकर शाबासी पाई थी पर इस बार..... ! माहौल तनावयुक्‍त पर नियंत्रण में है..... क्‍या आपके साथ इस तरह के वाक्‍ये हुए हैं......? ऐसी स्थितियों से सामना हुआ है कभी....? क्‍या इस उम्र में बच्‍चों पर पढाई का इस तरह का तनाव सही है....?  क्‍या कहना है आपका....?