06 अगस्त 2015

एमपी नहीं, सीजी गजब है...!

इस महिला ने दी मंत्री की पत्नी की जगह परीक्षा
पड़ौसी राज्य मध्यप्रदेश का एक विज्ञापन टीवी पर अक्सर देखने मिलता है, 'एमपी गजब है'... एमपी यानि मध्यप्रदेश के छोटे भाई सीजी यानि छत्तीसगढ़ ने खुद को 'गजब' साबित कर दिया है! हम आभारी हैं, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का, जिनके  'अथक प्रयास' से ऐसा हो पाया है!!! किसी समय देश की एक राष्ट्रीय मेग्जिन ने डॉ. रमन सिंह को नंबर वन सीएम का दर्जा दिया था। बाद में छत्तीसगढ़ की जनता ने उनको एक दर्जा दिया, देश में सबसे ज्यादा श्रद्धांजलि देने वालों में सबसे अव्वल सीएम होने का। अब मुख्यमंत्री एक नए 'अवतार' में सामने आए हैं। अपने मंत्रियों के लिए 'तारणहार' के अवतार में सामने आए हैं! हाल की दो घटनाओं के बाद  मुख्यमंत्री ने अपने मंत्रियों के बचाव में जिस तरह की बयानबाजी की है, उसने यही कहने मजबूर कर दिया है, गजब है...!!!!!
प्रदेश का शिक्षामंत्री प्रदेश भर में शिक्षा ग्रहण करने वाले विद्यार्थियों के लिए रोल मॉडल की तरह होता है। गजब है... यह रोल मॉडल, जिनकी पत्नी की जगह कोई दूसरा परीक्षा देने बैठ जाता है। शिक्षामंत्री का बयान आता है, उनकी जानकारी में नहीं था यह! गजब है...! कौन पति होगा, जिसे पता नहीं होगा कि उसकी पत्नी परीक्षा दे रही है और परीक्षा के लिए उसने क्या तैयारी की होगी! गजब है...! साली को आधी घरवाली कहा जाता है! केदार बाबू, ये सिर्फ कहा जाता है, सिर्फ कहा जाता है, आपने तो...!!! गजब है...!
एक फिल्म आई थी, मुन्नाभाई एमबीबीएस। इस फिल्म में नायक नकल कर एमबीबीएस की परीक्षा देता है। राजकुमार हिरानी ने ऐसे कृत्यों को करने वालों के लिए जाने अनजाने एक शब्द दे दिया, मुन्ना भाई! लो हमने हिरानी को एक नया टाईटल दे दिया फिल्म बनाने के लिए, मुन्नीबाई, ...गजब है...! याद करें, एक और फिल्म आई थी, इंकलाब। इस फिल्म के नायक को तंत्र के चक्रव्यूह में पड़कर अपनी सरकार में ऐसे लोगों को मंत्री बनाना पड़ता है, जो उस अनूठे थे। मसलन, गृहमंत्री वो बना, जिसका अपना परिवार नहीं टिक पाया। शिक्षामंत्री वो बना, जो अंगूठा छाप था। आदि आदि। गजब है...!!! आपके पास तो ऐसी कोई मजबूरी नहीं, फिर ऐसा क्यों सीएम साहब! गजब है...!
छत्तीसगढ़ में नसबंदी कांड हुआ था। नसबंदी के दौरान कई महिलाओं की जान चल गई थी। स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की बात हुई तो मुख्यमंत्री महोदय का बयान आया कि मंत्री ने थोड़े ऑपरेशन किया था। गजब है...! अब जब शिक्षामंत्री की पत्नी के स्थान पर कोई दूसरी परीक्षा देते हुए पकड़ी गई। एक बार फिर इस्तीफे की मांग हुई। मुख्यमंत्री को अपना पुराना बयान रटा-रटाया था। रिपीट कर दिया। मंत्री ने परीक्षा थोड़े दी है! गजब है...!

4 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शनिवार (08-08-2015) को "ऊपर वाले ऊपर ही रहना नीचे नहीं आना" (चर्चा अंक-2061) पर भी होगी।
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    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
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    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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